रेलवे स्टेशन रोड पर एसबीआई की मुख्य शाखा पर कैश लेने को उमड़ी भीड़।
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नोटबंदी के 31 दिन बीत जाने के बाद भी बैंकों के हालात नहीं सुधर पा रहे। शुक्रवार को पटियाली में ग्रामीण बैंक शाखा से धन की निकासी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा काटा। ग्रामीण काफी देर तक नारेबाजी करते रहे।
कई बैंक शाखाओं के बाहर नो कैश के बोर्ड लटके रहे। जिससे लोगों को काफी दिक्कत हुई। पटियाली की ग्रामीण बैंक शाखा पर धन की निकासी न होने पर लोग भड़क गए। लोगों ने बैक पर जमकर नारेबाजी की। बैंक प्रबंधक पर तरह तरह के आरोप लगाए गए। बैंक प्रबंधन ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। जबकि सेंट्रल बैंक शाखा पर कनेक्टिविटी फेल होने से ग्राहक परेशान रहे। उन्हें घंटों लाइन में लगने के बाद भी धन नहीं मिल सका।
सुबह 11 बजे जब बैंको की विंडो खुली तो लोगो को आस जगी कि आज कैश मिल सकेगा लेकिन कुछ देर के बाद ही बैंक कर्मियों ने तकनीकी खराबी का बोर्ड टांगकर लोगों को मायूस कर दिया। यूनियन बैंक, बैंक आफ बड़ौदा सहित कई बैंक शाखाओं पर धन न होने से ग्राहकों को मायूसी हुई। सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा, सिढ़पुरा, अमांपुर क्षेत्र की बैंकों मे भी धन निकासी की समस्या से लोग परेशान रहे। तो अशोकपुर निवासी विकलांग रामचन्द्र ने बताया कि वह छह दिनों से विकलांग पेंशन के लिए लाइन लगा रहा हैं, लेकिन उसे धन नहीं मिल पा रहा। ग्राम धिमरपुर निवासी सूबेदार ने भी धन निकासी न होने की समस्या बताई।