कार्यालय में आए लोगों से जानकारी लेते सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी साथ में एसीएमओ।
- फोटो : कार्यालय में आए लोगों से जानकारी लेते सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी साथ में एसीएमओ।
एटा। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय नें हर रोज दर्जनों की संख्या में लोग दिव्यांगता और फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बाहरी तत्व काम जल्दी कराने के नाम पर लोगों से रुपये वसूल लेते हैं और आरोप विभागीय कर्मचारियों पर लगता है। शुक्रवार को सीएमओ ने कार्यालय पर लगी भीड़ देखकर लोगों से वार्ता की। इस दौरान दो बाहरी तत्वों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। कहा कि कार्यालय में कोई भी बाहरी व्यक्ति (बिना काम के) नजर आया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ कार्यालय में सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो जाता है। किसी को मेडिकल फिटनेस की दरकार है तो किसी को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाना होता है। भीड़ का फायदा उठाकर बाहरी लोग कार्यालय में जल्दी काम करवाने, प्रमाण पत्र आदि बनवाने के नाम पर रुपये की वसूली कर लेते हैं। बाद में काम न होने पर पीड़ित कर्मचारियों पर आरोप लगाते हैं।
शुक्रवार को सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी, एसीएमओ डॉ. राममोहन तिवारी सहित डिप्टी सीएमओ डॉ. सर्वेश कुमार के साथ कार्यालय में बैठे लोगों से पूछताछ की। लोगाें ने बताया कि वह अपने विभिन्न कार्यों से आए है। इस दौरान कार्यालय में दो बाहरी व्यक्ति मिले, जो बगैर काम के आए हुए थे। इस पर सीएमओ ने हिदायत दी कि अगर बिना कार्य के कोई व्यक्ति मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को प्रमाण पत्र आदि काम को जल्द से जल्द निबटाने का निर्देश दिया।