एटा। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की लंबाई नापने व वजन ताैलने की मशीनें शासन से दी गईं। किसी केंद्र पर मशीन खराब पड़ी हैं तो किसी पर है ही नहीं। ऐसे में आखिर कुपोषित बच्चों की सेहत कैसे सुधरे, बाल विकास पुष्टाहार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमर उजाला समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम प्रेम रंजन सिंह ने संज्ञान लिया। उन्होंने डीपीओ से 3 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
जिले में संचालित 1864 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2,20,121 बच्चे पंजीकृत है। अमर उजाला समाचार पत्र ने 25 दिसंबर से आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर 28 दिसंबर तक समाचारीय अभियान चलाया। इस दौरान केंद्रों को लेकर खबरों को प्रकाशित किया। केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं पहुंच रहीं। वहीं, वजन व लंबाई मापने की मशीन नहीं होने आदि खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर डीएम ने खबरों का संज्ञान लिया।
डीपीओ को नोटिस भेज 3 दिन में जवाब मांगा है। उन्होंने केंद्रों को समय से खोलने व बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बच्चों की देखभाल बेहतर तरीके से करने की बात की है।