दशकों बाद भी जनपद के एक हजार से अधिक गांव मजरों में रोशनी नहीं पहुंच सकी है। दो पीढ़ियां तो अंधेरे में ही गुजर गईं। नई पीढ़ी इसकी उम्मीद लगाए है कि कब उनके गांव रोशन होंगे।
तीन सांसद एवं चार विधायकों वाले जिले में विद्युतीकरण का हाल ठीक नहीं है। बड़े नेता भी यहां के गांवों को रोशनी नहीं दिलवा सके। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तीन सौ से अधिक आबादी वाले 520 गांवों में से अभी तक मात्र 75 में ही विद्युतीकरण पूरा हो सका है। जबकि सौ से अधिक आबादी वाले 840 मजरों-नगलों को शासकीय योजनाओं का इंतजार है।
11 वीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत चयनित 520 गांवों में से 75 गांवों में विद्युतीकरण पूरा हो गया है। बारहवीं योजना के अंतर्गत सौ से अधिक आबादी वाले 840 नगलों-मजरों का प्रस्ताव भेज दिया गया है। विभागीय दिशा निर्देश के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जनपद की 509 ग्राम पंचायतों के विद्युतीकरण के साथ ही पांच सौ से अधिक आबादी वाले गांव भी पहले ही संतृप्त हो चुके हैं।
राजकुमार
अधिशासी अभियंता
विद्युत वितरण ग्रामीण खंड, एटा