एटा। मौसम में बदलाव और बारिश के बीच बच्चों में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और मलेरिया के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। शनिवार को बारिश के कारण मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कम रही। इसके बावजूद गंभीर हालत वाले बच्चों के भर्ती होने से बच्चा वार्ड में बेड कम पड़ गए। 40 बेड की क्षमता वाले वार्ड में 42 बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा था। दो बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती करना पड़ा।
बाल रोग विभाग में सामान्य दिनों में प्रतिदिन 300 से अधिक बच्चों को उपचार दिया जाता है। शनिवार को दिनभर बारिश होने के कारण करीब 70 बच्चे ही उपचार के लिए पहुंचे। इनमें गंभीर हालत वाले बच्चों को जांच के बाद बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया।
भर्ती बच्चों की मलेरिया और डेंगू की जांच भी कराई गई।
इस दौरान गढ़ी बेंदुला निवासी गौरव की चार वर्षीय बेटी पूनम में मलेरिया की पुष्टि हुई। गौरव ने बताया कि पूनम को पांच दिन से बुखार था। निजी चिकित्सक से उपचार कराने के बाद भी बुखार में आराम नहीं मिला।
शुक्रवार को उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे बच्चा वार्ड में भर्ती कर लिया। जांच में मलेरिया की पुष्टि होने के बाद उपचार शुरू कर दिया गया है।