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जिला अस्पताल में सिटीजन चार्टर नहीं मिला तो अधिकारी ने दी चेतावनी

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जिला अस्पताल का निरीक्षण करती लखनऊ से आई टीम- अमर उजाला - फोटो : ETAH
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एटा। लखनऊ से आई क्वालिटी एश्योरेंस टीम ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम को इमरजेंसी में बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर अनियमितताएं मिली। सिटीजन चार्ट बना नहीं था तो जगह-जगह गंदगी पड़ी थी। टीम ने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए हैं।
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सरकारी अस्पतालों में मरीज को बेहतर सुविधाएं देने वाले जिला अस्पतालों का प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा निरीक्षण कराया जाता है। टीम द्वारा दी गई ग्रेडिंग के आधार पर अस्पताल को अवार्ड दिया जाता है। शुक्रवार को लखनऊ से आए डॉ. रवीश व डॉ. राजवीर ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी, ओपीडी, आईपीडी, सर्जिकल वार्ड सहित एनआरसी वार्ड को देखा।
इमरजेंसी में बायो मेडिकल वेस्ट पर उन्होंने आपत्ति दर्ज की। वहां डस्टबिन तो तीन रखे थे, लेकिन बायोमेडिकल वेस्ट एक ही डिब्बे में डाला जा रहा था। टीम ने ओपीडी में सुगर व ब्लड प्रेशर की जांच कर रही स्टाफ नर्स से बातचीत की। पता चला कि यहां सिटीजन चार्टर बनता ही नहीं है। टीम ने स्टाफ नर्स को सिटीजन चार्टर बनाने के निर्देश दिए। सर्जिकल वार्ड में भी टीम साफ सफाई की व्यवस्था से प्रसन्न नहीं थी। टीम के साथ क्वालिटी मैनेजर मनोज कुमार टीम के साथ मौजूद रहे।
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अलग- अलग डस्टबिन पड़ता है कचरा। अस्पताल से निकलने वाला बायोमेडिकल वेस्ट अलग-अलग डिब्बों में डाला जाता है। पीले डिब्बे में गीला कचरा बायोप्सी व मानव अंग का कचरा, लाल में सूखा रुई, पट्टी व प्लास्टर आदि। काले डिब्बे में सुई, ब्लेड, कांच की बोतल आदि डाले जाने का प्रावधान है।
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