एटा। ग्रेटर नोएडा में ड्यूटी के नाम पर होमगार्ड कार्यालय हुए करोड़ों के घोटाले के बाद जिले में जांच करने का फरमान मिला। जांच में जिले के होमगार्डों के मास्टर रोल में हेराफेरी नहीं मिली। होमगार्डों की फर्जी ड्यूटी लगाकर करोड़ों का घोटाला सामने आने के बाद अधिकारियों के होश उड़ गए थे। मामले का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। जिले में चार टीमों द्वारा जांच की गई। 800 होमगार्डों के तीन माह के मानदेय पर रोक लगा दी गई।
मास्टर रोल के सत्यापन के बाद ही ड्यूटी का पैसा दिए जाने के आदेश दिए गए। टीमों ने थाना, चौकियों से लेकर अधिकारियों के आवास पर तैनात होमगार्डों की जांच की। जहां जांच में कोई हेराफेरी का मामला पकड़ में नहीं आया। इस पर कमांडेंट ने जांच रिपोर्ट मंगलवार को उच्चाधिकारियों को भेज दी।
बुधवार को होमगार्ड के जिला अध्यक्ष अभिराज सिंह ने डीएम व एएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उन्होंने 2014 में ड्यूटी लगाने के नाम पर हो रही वसूली के खिलाफ आवाज उठाई थी। उसे कंपनी द्वारा निकाल दिया गया। जबकि जिले में कंपनियों में बड़े पैमाने पर गोलमाल हो रहा है।
एक होमगार्ड सेवानिवृत हो गया था। इसके बाद भी उसका 11 माह तक मानदेय निकाला जाता रहा। उन्होंने फर्जी तरीके से मास्टर रोल बनाए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है। कमांडेंट अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की उच्चाधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी।