एटा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह की लाभार्थी दुल्हनों का शृंगार अब फीका हो गया है। अब उन्हें चांदी के आभूषण नहीं दिए जाएंगे। ऐसा सफेद धातु पर महंगाई के चलते हुआ है। चांदी के दाम पिछले एक साल की अपेक्षा करीब 1 लाख 30 हजार रुपये प्रतिकिलो तक बढ़ गए हैं। अब उन्हें पायल और बिछुआ के स्थान पर 4 हजार रुपये सीधे खातों में दिए जाएंगे। इसी में वह अपनी पसंद की आभूषण खरीद सकेंगे।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वर्ष आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहली जुलाई को आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में विवाहिता को पहले की तरह चांदी के बिछुआ और पाजेब उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। इसके स्थान पर चांदी के आभूषणों के लिए निर्धारित 4 हजार रुपये की धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि यह चांदी पर महंगाई के कारण हो रहा है। वर्ष 2025 में जून माह में चांदी की कीमतें करीब 1 लाख 3 हजार रुपये प्रतिकिलो तक थी। यह अब करीब 2 लाख 40 हजार रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई है। समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी ने बताया कि सरकार की ओर से इस बार लाभार्थियों को अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार आभूषण खरीदने की सुविधा दी गई है। यह लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में भेजा जाएगा। समाज कल्याण विभाग ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में 667 जोड़ों के विवाह कराया जाना है। अब तक 350 फार्म भरे जा चुके हैं। सभी आवेदनों का सत्यापन कराया जा रहा है।