एटा। गर्मी के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं। एक सप्ताह में अधिकतम तापमान 40 से बढ़कर 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बुधवार को भी तापमान 45.4 डिग्री दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप और लू के चलते दोपहर में शहर की सड़कें और बाजार सूने नजर आए। रात में भी घरों की तपिश नींद उड़ा रही है। जिला प्रशासन ने लू और गर्मी से बचाव के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की रफ्तार 22 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। तेज गर्म हवाओं के कारण घरों में चल रहे कूलर-पंखों ने भी राहत नहीं दी। झुलसा देने वाली गर्मी का आलम यह रहा कि दिन के समय लोग छांव की तलाश में भटकते रहे। सफर करने वाले लोग पसीने से तरबतर होते दिखे। स्कूलों से छुट्टी के बाद घर लौटते मासूमों को धूप ने खूब परेशान किया। इस भीषण गर्मी के बीच सामाजिक संस्थाओं, नगर पालिका प्याऊ और दुकानों पर लगे वाटर कूलरों ने राहगीरों को थोड़ी राहत दी। लोग ठंडा पानी पीकर गला तर करते नजर आए। हालांकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विज्ञान प्रभारी डॉ. एसके सिंह ने बताया कि बुधवार को पारा 45.4 डिग्री तक पहुंच गया। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है।
चिकित्सक की सलाह, तरल पदार्थ लें और बाहर निकलने से बचें
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सीएमएस सुरेश चंद्रा ने बताया कि गर्मी से बचाव ही सबसे अच्छा उपाय है। उन्होंने कहा कि गन्ने का रस, नारियल पानी, बेल का शरबत, आम पना, छाछ, लस्सी जैसे तरल पदार्थ शरीर को ठंडा रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं। डॉ. चंद्रा ने बताया कि तरबूज और खीरा गर्मियों में फायदेमंद हैं। उन्होंने फलों को सामान्य तापमान में सेवन की सलाह दी है।
लू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
बाहर निकलते समय गमछा, टोपी, धूप का चश्मा और छाते का प्रयोग करें।
हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें।
कड़ी धूप से बचें और जितना संभव हो छाया में रहें।
बार-बार पानी पिएं, चाहे प्यास न लगे।
ओआरएस, नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल और प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें।
कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर शरीर पर पानी का छिड़काव करें और गीले कपड़े से पोछें।
प्रशासन का कहना है कि तपिश का यह दौर अभी और तेज हो सकता है, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सुरक्षा कवच है।
मौसम विभाग ने जिले में लू चलने की जारी की चेतावनी जारी
मौसम विज्ञान विभाग जिले में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी नागरिकों व श्रमिकों से अपील की है कि सावधानियां अवश्य बरतें।
श्रमिकों और नागरिकों को सलाह
कार्य के बीच-बीच में छाया में विश्राम दें।
कार्य करने का समय बदलें — दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहरी कार्य से बचें।
कार्यस्थल पर ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
कार्यस्थल पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखें।
दोपहर में शरीर पर धूप का असर सबसे अधिक होता है। इस समय काम छाया में करें।
पशु मालिक के लिए सलाह
पशुओं को दिन में कम से कम 3-4 बार ताजा व ठंडा पानी पिलाएं।
पशुओं को दोपहर में छायादार स्थान पर रखें — खुले में न बांधें।
हरे चारे एवं पानी से भरपूर आहार दें।
दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच पशुओं से खेत में काम न कराएं।
पशु आश्रय स्थलों में पर्याप्त वेंटिलेशन व पानी की व्यवस्था रखें।
पक्षियों के लिए छत पर या पेड़ के नीचे पानी के बर्तन रखें।
आपातकालीन संपर्क
पुलिस:- 100 / 112
एम्बुलेंस:- 108
राहत आपदा कंट्रोल रूम:- 1070
जिला आपदा कंट्रोल रूम:- 1077