उत्तर प्रदेश के एटा में डेंगू और मलेरिया न फैले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग बुखार पीड़ितों की रैंडम सैंपलिंग कराएगा। खासतौर से उन गांव में रैंडम सैंपलिंग कराई जाएगी। जहां बीते वर्षों में डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आए हैं।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया जिले में संक्रामक रोग न फैले इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई हैं। बीते वर्षों में जिन गांवों में डेंगू और मलेरिया के मामले आए थे। उन गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाकर मलेरिया की जांच की जा रही है। कार्ययोजना बना ली गई है।
गांव में बुखार पीड़ितों की डेंगू की रैंडम सैंपलिंग भी कराई जाए, जिससे इसकी हकीकत सामने आ सकेगी। वर्तमान में जिले में एक भी डेंगू पॉजिटिव केस नहीं है। एक जुलाई से विशेष संचारी रोग अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान के दौरान ही बुखार पीड़ितों की गांव-गांव में डेंगू की रैंडम सैंपलिंग की जाएगी।
बीते वर्ष डेंगू के 76 मामले आए थे
जनपद में बीते वर्ष 76 मामले डेंगू के आए थे। जबकि 2022 में 46 मामले डेंगू के थे। वर्ष 2021 में 126 मामले डेंगू के आए थे। हालांकि बीते वर्ष से जिले में डेंगू की जांच शुरू हो गई है।