ग्रामीण क्षेत्रों में बने स्वास्थ्य केंद्र बदहाल हैं। चिकित्सकों के अभाव में कई पर तो ताले लटके हुए हैं। चिकित्सकों के 93 पद हैं लेकिन 23 ही तैनात हैं। बीमारी पड़ने पर मरीज प्राइवेट या फिर आगरा में चिकित्सकों के पास इलाज कराने जाते हैं।
जिले में 29 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले गए। लाखों की लागत से बने इन स्वास्थ्य केंद्रों में मात्र 23 चिकित्सकों ही कार्यरत हैं। इतने कम चिकित्सकों के होने से ब्लॉक मुख्यालयों पर बने स्वास्थ्य केंद्रों की ही स्थिति काफी खराब रहती है। चिकित्सकों के न पहुंचने से इन पर ताले लटके रहते हैं। देखभाल न होने से अराजकतत्व भी इनमें सक्रिय रहते हैं। इनमें लगे जंगले, खिड़की आदि तक वे उखाड़ कर ले जाते हैं। चाड़ी रोड पर स्थिति ग्राम नीवरी में बना स्वास्थ्य केंद्र काफी समय से नहीं खुला है। इस केंद्र में बने कमरे में अवैध रूप से एक परिवार भी रहता है। ग्रामीण रामस्वरूप, धर्मपाल आदि ने बताया कि काफी समय से स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक नहीं आए हैं, जिससे ग्रामीणों को इलाज को काफी दिक्कत रहती है।
सीएमओ डा. सत्य सिंह ने बताया कि जिले में चिकित्सकों की काफी कमी है। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के चिकित्सालयों पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है।