मुख्यमंत्री का एलान भी दरकिनार
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बिजली की रोस्टर मुताबिक आपूर्ति देने का मुख्यमंत्री का आदेश भी जनपद में बेअसर साबित हो रहा है। विद्युत निगम लोगों को न रोस्टर के मुताबिक बिजली की सप्लाई दे पा रहा है। न समय से खराब हो चुके ट्रांसफार्मरों को बदल रहा है। बुखार के फैले प्रकोप के बीच बिजली की हो रही अंधाधुंध कटौती लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनी है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक अक्तूबर से नगरीय इलाकों में 20 औक गांवों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति दिए जाने का एलान किया था। पर, सूबे के मुखिया के एलान के बाद भी बिजली की आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ।
कटौती का आलम यह है कि जिला मुख्यालय पर भी 10-11 घंटे भी बिजली मिलनी मुश्किल है। तीर्थ नगरी सोरों में मात्र 8 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। सहावर, अमांपुर, सिढ़पुरा इलाके में भी लोग विद्युत संकट झेल रहे हैं। नवदुर्गा पर्व के कारण सुबह के समय मंदिर आने जाने का क्रम शुरु हो जाता है। बिजली नहीं होने से लोगों को पेयजल का संकट भी झेलना होता है। सबसे अधिक परेशानी बुखार व अन्य संक्रामकों के पीड़ितों को है।
दस दिनों से फुंका है ट्रांसफार्मर
ढोलना में लगे दोनों ट्रांसफार्मर दस दिन से जले हैं। इसे अब तक बदला नहीं जा सका है। ढोलना के लोगों ने बताया कि इसकी जानकारी एसडीओ, जेई को कई बार दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं गांव अहरौली में भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित है।
कैसे हो सिंचाई
ढोलना के ग्रामीण टेनेस राना का कहना है कि ट्रांसफार्मर फुंकने से सबसे ज्यादा समस्या खेतों की सिंचाई को लेकर है। नलकूप शोपीश बने हैं। इससे धान की फसल बर्बाद हो रही है।
विभाग कर रहा है प्रयास
विद्युत विभाग के जेई वीर बहादुर सिंह का कहना है कि विद्युत ट्रांसमिशन के द्वारा कटौती की जाती है। यह कटौती पनकी कंट्रोल के निर्देश पर होती है। उन्होंने दावा किया कि विभाग रोस्टर मुताबिक बिजली की सप्लाई देने के लिए लगातार प्रयास रहा है।