समस्याओं को लेकर सोमवार को नगर का बाजार बंद रहा। मुंसिफ न्यायालय की स्थापना के समर्थन में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। वकीलों ने भी कोर्ट की स्थापना को लेकर तहसील में तालाबंदी की। इस दौरान वकीलों और व्यापारियों ने नगर में जुलूस निकालकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
नगर में मुंसिफी न्यायालय की स्थापना के लिए हाईकोर्ट इलाहाबाद और प्रदेश सरकार से अनुमति मिली है। पर, स्थापना होने से पूर्व जनपद मुख्यालय के अधिवक्ता विरोध पर उतर आए। इसे लेकर तहसील अधिवक्ता संघ तो पिछले आठ दिनों से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। सोमवार को व्यापार मंडल, ब्लाक प्रधान संघ, राष्ट्रवादी भाकियू और जनसेवा समिति भी सडकों पर उतर आई। सुबह से ही व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्णगोपाल गुप्ता और मनोज वार्ष्णेय बजरंगी ने बाजार बंद कराया। इस दौरान लोग चाय-पान को भी भटकते दिखे।
वहीं अधिवक्ता संघ ने भी उपजिलाधिकारी न्यायालय, रजिस्ट्रार कार्यालय समेत अन्य दफ्तरों में ताले जडे़। तहसीलदार संजीव ओझा को नजर बंद कर दिया। इससे पूर्व अधिवक्ताओं, व्यापार मंडल, भाकियू राष्ट्रवादी, प्रधानसंघ, जनसेवा समिति, ऑटोपार्टस यूनियन, वैश्य एकता परिषद, भाजपा, कांग्रेस, बसपा आदि राजनीतिक संगठनों ने मिलकर जुलूस निकाला। मौके पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष केपी सिंह, मनीष परमार, विशन वार्ष्णेय, लोकेश वर्मा, जयशंकर गौड़, जेडी मिश्रा, जेपी सिंह, कैलाश मित्तल, ओमकार यादव, राजेश राजपूत, द्विजेन्द्र यादव, लायक सिंह, पी संह यादव, रामनरेश यादव, विजय सिंह, रमेशचन्द्र ओझा, नेत्रपाल बघेल, कपिल गुप्ता, कमलेश सारस्वत, शाहनवाज खान, विष्णुगोपाल दीक्षित आदि मौजूद रहे। वहीं पूर्व विधायक कुबेर सिंह अगरिया ने कहा है कि नगर में मुंसिफी न्यायालय खोले जाने के समर्थन में अवागढ और निधौली के लोग भी हैं।
चोरी की घटना के खुलासे की मांग
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल और जलेसर उद्योग प्रतिनिधि मंडल ने बंद के दौरान जलेसर नगर में प्रतिदिन हो रही चोरियों का खुलासा किए जाने, बिजली की अघोषित कटौती बंद किए जाने की मांग की।