एटा। मेडिकल कॉलेज के अधीन आ चुके जिला अस्पताल की चिकित्सा सेवा बदतर होती जा रही हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट तैनात होने के चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट कोर्ट एविडेंस तो कभी अवकाश पर चले जाते हैं। हफ्ते में तीन-चार दिन ही अल्ट्रासाउंड होते हैं। मरीजों को पहले से नंबर लगाने पड़ते हैं। स्थिति यह है कि पांच से सात दिन बाद तक मरीजों को अल्ट्रासाउंड की तारीख दी जा रही हैं।
जिले में चिकित्सकों का अभाव है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी होने के बावजूद सप्ताह में एक दिन इमरजेंसी में ड्यूटी भी करनी होती है। वहीं कोर्ट एविडेंस होने के चलते जनपद से बाहर भी सप्ताह में एक या दो दिन रहना पड़ता है। समय के अभाव में अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण मरीजों को पांच से सात दिन तक अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार करना पड़ता हैं। जबकि महिला जिला अस्पताल के अलावा जिले भर की सीएचसी व पीएचसी से आने वाले मरीजों का भी अल्ट्रासाउंड इनके द्वारा ही किया जाता है।