एटा। हाथरस कांड हुए 13 दिन व्यतीत हो गए हैं, लेकिन एटा में पोस्टमार्टम वाले मृतकों का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। उनके परिजन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से लेकर हाथरस तक चक्कर लगा रहे हैं।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे कासगंज जनपद पटियाली थाना क्षेत्र के गांव पियारपुर निवासी जयवीर और ब्रजेश ने बताया कि 2 जुलाई को उनकी मां सिकंदराराऊ भोले बाबा के सत्संग में गईं थीं। वहां भगदड़ में दोनों दबकर घायल हो गईं थीं। उन्हें एटा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लाया गया था। यहां चिकित्सक ने दोनों को मृत बता दिया था। दोनों का पोस्टमार्टम यहीं हुआ था। बताया वह पटियाली एसडीएम के पास मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गए थे। एसडीएम ने हाथरस में बात की। इसके बाद कुछ बताया नहीं।
इसके बाद हम दोनों हाथरस में घटनास्थल के ग्राम पंचायत सचिव के पास गए। उसने बताया कि 93 मृतकों की रिपोर्ट उनके पास आई है। जिसकी रिपोर्ट आ गई है उसी का प्रमाण पत्र बनाएंगे। बीडीओ से मिले तो उन्होंने एटा से पोस्टमार्टम रिपोर्ट न आने की बात कही। सोमवार को यहां आए तो यहां से भी प्रमाण पत्र न बनाने की बात कह दी गई। बता दिया कि प्रमाण पत्र हाथरस से ही बनेगा। इनके अलावा यहां आए कासगंज के बहेटा निवासी रामसेवक ने बताया कि सत्संग में उसकी बेटी प्रियंका की भी मौत हो गई थी। वह भी यहां मृतक प्रमाण पत्र बनवाने आया है, लेकिन मना कर दिया गया है। बता दिया कि हाथरस से ही प्रमाण पत्र बनेगा।