गांव किशनपुर गांव में खराब हैंडपंप से पानी भरती महिलाएं।
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रेलवे लाइन पार के गांव लालपुर के तीन हैंडपंपों से तैलीय पदार्थ निकलने के रहस्य का पता तीन दिन की खोदाई में भी नहीं चल सका है। रेलवे की पाइप लाइन में लीकेज नहीं मिलने पर आईओसी ने इसकी खोदाई भी शनिवार को बंद करा दी। अफसरों का कहना है कि तीनों हैंडपंप सील कर दिए गए हैं। आईओसी की टीम मामले की जांच करेगी।
लालपुर निवाली प्रमोद कुमार के हैंडपंप से मंगलवार की रात अचानक तैलीय पदार्थ निकलने लगा था। इससे हड़कंप मच गया। सूचना पर आए अफसरों ने जांच के बाद हैंडपंप को सील कर दिया। आशंका जताई गई कि गांव के समीप से रेलवे की डीजल पाइप लाइन बिछाई गई है। संभव है कि उसी में लीकेज से रिसकर तैलीय पदार्थ हैंडपंप से निकल रहा है। ओईओसी और रेलवे की संयुक्त टीम की देखरेख में आगरा के एक ठेकेदार के माध्यम से डीजल पाइप लाइन को तीस फिट तक खोदाई कराई गई। पर, पाइप लाइन में कहीं भी रिसाव नहीं मिला। वहीं खोदाई चल ही रही थी कि आसपास के दो और हैंडपंपों से तैलीय पदार्थ निकलने लगा। ऐसे में प्रशासन ने तीनों हैंडपंपों को सील कर दिया। वहीं डीजल लाइन से लीकेज के कोई संकेत नहीं मिलने पर रेलवे ने भी पाइप लाइन के आसपास की खोदाई का काम बंद करा दिया है। आईओसी मथुरा के अधिकारी भी निरीक्षण करके जा चुके हैं। खुदाई का कार्यबंद हो जाने से अभी यह रहस्य बरकरार है कि आखिर हैंडपंपों से तैलीय पदार्थ कहां से आ रहा है? इसका जवाब न रेलवे के अधिकारियों के पास है और न ही प्रशासन के अफसर ही कुछ बता पा रहे हैं। नायब तहसीलदार ब्रह्मा नंद कठेरिया ने बताया कि अभी तक तैलीय पदार्थ निकलने के मामले में खोदाई के बाद भी कोई तथ्य सामने नहीं आ सक ा है। इस मामले की जांच अब इंडियन ऑयल कारपोरेशन के स्तर से की जा रही है। प्रशासन भी अपनी नजर बनाए हुए है।