हाईवे-91 पर सोमवार दोपहर साढे़ 12 बजे एक ट्रैक्टर कांशीराम आवासीय कालोनी के पास खराब हो गया। चालक ट्रैक्टर को ठीक करके 15 मिनट बाद निकाल ले गया लेकिन हाईवे पर तीन घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस को जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। जाम में फंसे यात्री चिलचिलाती धूप में परेशान रहे। स्कूल से लौटते बच्चे भी जाम में फंस गए। गर्मी में बच्चे व्याकुल हो गए।
सोमवार को दोपहर को अचानक एक ट्रैक्टर कांशीराम आवासीय कालोनी के पास हाईवे-91 पर खराब हो गया। चालक ने 15 मिनट में ट्रैक्टर सही कर लिया और रवाना हो गया। लेकिन ट्रैक्टर इस तरह हाईवे पर फंसा कि दुपहिया वाहन को भी हाईवे से गुजरने की जगह नहीं बची थी। कुछ ही देर में हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर जब तक पुलिस मौके पर पहुंची वाहनों की दो किमी लंबी कतार लग चुकी थी। जल्द जाम से निकलने के चक्कर में वाहन आड़े-तिरछे खडे़ होने के कारण पुलिस को जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। जाम में फंसे निजी वाहन और बसों में सवार यात्रियों को चिलचिलाती तपती धूप में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। हाईवे पर आडे-तिरछे खड़े वाहनों का हटवाने के कारण तीन घंटे बाद हाईवे पर यातायात सुचारु हो सका। इस दौरान स्कूल से लौटते बच्चे भी जाम में फंस गए। तपती धूप में बच्चे व्याकुल हो गए। एटा से अलीगढ़, दिल्ली, कानपुर जाने वाली बसें तथा अन्य वाहन जाम में काफी देर फंसे रहे। इन वाहनों में बैठे यात्री परेशान हो गए।
अक्सर लगता है जाम
हाईवे पर अक्सर जाम लगता है। कभी वाहनों के खराब होने या फिर वाहनों का अत्याधिक दवाब होने पर जाम लग जाता है। जाम की समस्या के निदान के लिए कई बार प्रशासन कार्ययोजना बना चुका है लेकिन समस्या हल नहीं होती।