अष्टमी की रात अंबेडकर नगर स्थित प्राचीन माता मंदिर पर विशाल मेले का आयोजन किया गया। रात में आयोजित कार्यक्रम में दो पार्टियों के बीच जवाबी रसिया दंगल हुआ। रसिया कार्यक्रम का उद्घाटन उपेंद्र माहेश्वरी ने फीता काटकर किया गया।
रसिया दंगल के मैदान में रामवीर हाथरस एवं किशन शर्मा हाथरस की टीम द्वारा रात्रि भर जवाबी मुकाबला हुआ। मंच से रामवीर ने कहा कि ‘सरेआम घूम रहे ये गुंडे, न पकडे़ न जेल गये। दूसरी ओर किशन शर्मा ने श्रोताओं को गुदगुदाते हुए कहा कि ‘जवानी से ज्यादा बुढ़ापे में जोश होता है। मगर काम कुछ नहीं कर सकते इसलिए अफसोस होता है।’ रसिया कार्यक्रम में काफीया, छंद, फटका, सवईया आदि गीतों पर पंडाल में मौजूद लोगों की तालियों की आवाज गूंजती रही। शुक्रवार सुबह कार्यक्रम समापन के दौरान निर्णायक मंडल के सदस्यों हरिओम गुप्ता एवं मुकेश शर्मा आदि ने दोनो पार्टियों को बराबरी का दर्जा देकर इनाम से नवाजा गया। मौके पर रसिया कमेटी के रमेश चक, गिर्राज रावज, ग्रीश यादव. सूफी नसीर अली, मिरहची प्रधान पति संतोष सर्राफ, सत्यपाल जाटव मौजूद रहे।