एटा। किसानों को राहत के लिए सरकार अनुदानित बीज देती है। इस बार रबी की फसल में गेहूं का 3200 क्विंटल बीज एटा को दिया गया, लेकिन छूट वाला यह बीज चंद दिनों में खत्म हो गया। अब किसान बाजार में दोगुनी से भी अधिक कीमत का बीज खरीदने को मजबूर हैं।
शासन से भेजे जाने वाला बीज उन्नत किस्म का होता है और इससे अच्छी फसल व अधिक पैदावार ली जा सकती है। गेहूं की सभी प्रजातियों के बीच का मूल्य 43.95 रुपये निर्धारित किया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार बीज पर 50 प्रतिशत का अनुदान देती है। इस तरह सरकारी गोदामों से किसान को यह बीज 23 रुपये प्रति किलो में वितरित किया गया।
हालांकि, वितरण को लेकर आरोप भी लगते रहे। कुल मिलाकर यह बीज कुछ ही किसानों को मिल पाया और बड़ी संख्या में किसान इससे वंचित रह गए। वर्तमान में सरकारी गोदामों पर बीज का दाना तक नहीं है। किसानों ने चक्कर काट-काटकर अब उम्मीद भी छोड़ दी है।
मजबूरी में बाजारों की ओर रुख कर लिया है। इस समय बाजार में तरह-तरह के बीज के नाम पर किसानों को महंगे बीज थमाए जा रहे हैं। 33 से लेकर 70 रुपये प्रति किलो तक इनके दाम वसूले जा रहे हैं। औसतन रूप से किसान 50-60 रुपये प्रति किलो वाला बीज खरीद रहे हैं। इसके लिए उन्हें सरकार के अनुदानित बीज से दोगुनी से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि शासन से जो बीज भेजा गया था, सभी ब्लॉक स्तरीय केंद्रों के माध्यम से वितरित कराया जा चुका है। किसान अब भी पहुंच रहे हैं। इसको देखते हुए शासन में 800 क्विंटल और बीज उपलब्ध कराने की मांग भेजी गई है। उम्मीद है जल्द ही बीज मिल जाएगा।
दो-तीन बार सरकारी गोदाम पर गए, लेकिन सस्ता बीज नहीं मिल सका। अब बाजार से ही महंगा बीज खरीदना पड़ रहा है। - कालीचरन, अहमदपुर
अनुदानित बीज मिल जाता तो खेती की लागत कुछ कम हो जाती। एक ओर डीएपी की मारामारी है वहीं दूसरी ओर बीज में रुपये देने पड़ रहे हैं। - लाल सिंह, टीकामई