एटा। नगला भगत गांव में विषखापर देखकर घबराकर छत पर पहुंची पांच बालिकाओं के छज्जा गिरने से घायल होने के मामले में राहत की खबर है। उपचार के बाद सभी बालिकाओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और परिजन उन्हें घर ले गए। हादसे में घायल ज्योति, सेजल, निधि, अंशिका और रितिका को ग्रामीणों ने मलबे से निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया था।
सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बालिकाएं घर में खेल रही थीं। इसी दौरान एक कमरे में विषखापर दिखाई दिया। उसे देखकर घबराई बालिकाएं छत की ओर भागीं और करीब 40 साल पुराने मकान के छज्जे पर जाकर खड़ी हो गईं। अचानक छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया और पांचों बालिकाएं मलबे के साथ नीचे आ गिरीं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल मलबा हटाकर बालिकाओं को बाहर निकाला और एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
दो बालिकाओं अंशिका और रितिका को परिजन बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए, जबकि ज्योति, सेजल और निधि का मेडिकल कॉलेज में उपचार चला। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा ने बताया कि भर्ती तीनों बालिकाओं की हालत खतरे से बाहर थी। उपचार के बाद सभी बालिकाओं को छुट्टी दे दी गई। हादसे के बाद बालिकाओं के सकुशल घर लौटने से परिजन ने राहत की सांस ली।