ग्राम दतलाना में डायरिया से शनिवार को एक बालिका की मौत हो गई। जबकि तीन बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं क्षेत्र में डायरिया के कहर के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
दतलाना निवासी रमेश पाल की पुत्री खुशी (12) को शनिवार की दोपहर से डायिरया हो गई। बार-बार उल्टी-दस्त होने पर परिवारीजन उसे गांव के ही निजी चिकित्सक के पास ले गए। इसी दौरान दूसरी पुत्री कविता (8), शिवपाल (डेढ़ वर्ष), भतीजी काजल (5) पुत्री किशोर भी डायरिया की चपेट में आ गई।
वहीं इलाज के दौरान खुशी की मौत हो गई, तो परिवार में हड़कंप मच गया। परिवारीजन डायरिया पीड़ित तीनों बच्चों को जिला चिकित्सालय पहुंचे। चिकित्सकों ने बच्चों की हालत गंभीर देखते हुए भर्ती कर लिया। किशोर ने बताया कि गांव में कई अन्य बच्चे भी इस बीमारी की चपेट में हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची। चिकित्सक परमिंदर सिंह का कहना है कि डायरिया फैलने पर काफी सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। डायरिया होने पर बच्चे को तुरंत ही चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
ये बरतें सावधानी
बासी भोजन का सेवन न करें
शरीर में पानी की कमी न होने पाए
पानी को उबालें और ठंडा कर प्रयोग में लाएं
डायरिया फैलने पर ओआरएस घोल का करें सेवन
-खाना हमेशा ढक कर रखें
-घर के आसपास की जगह को साफ सुथरा रखें
-खाना बनाने, परोसने या खिलाने, शौच के बाद हाथ साबुन से धोएं