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बदहाल हो रही कांशीराम आवासीय कालोनी

Sun, 06 Sep 2015 06:44 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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सपा सरकार में कांशीराम आवासीय कालोनियों का बुरा हाल है। यहां रह रहे लोगों की सुनने वाला तक कोई नहीं है। अधिकारी भी इनकी कालोनी का रास्ता भूल गए हैं। न सफाई है न पानी की व्यवस्था अन्य समस्याएं भी यहां हावी हैं। कई लोगों ने आवास खाली कर दिए तो कई आवासों में दूसरे लोग रहे रहे हैं।
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बता दें कि मायावती सरकार में कांशीराम आवासीय कालोनी का निर्माण कराया गया था, ताकि गरीबों को रहने के लिए छत नसीब हो सके। उस समय इन कालोनियों का रख रखाव भी ठीक तरह से हुआ और अधिकारी भी कोई समस्या आने पर दौड़ते दिखाई देते थे, लेकिन अब अधिकारियों ने इन कालोनी में रह रहे लोगों की ओर से मुंह मोड़ लिया है। यहां रह रहे लोगों की कोई समस्या सुनने को तैयार नहीं है। कालोनियां बदहाल हो चली हैं। इसके चलते अनेक लोगों ने यहां रहना ही छोड़ दिया है और किराए पर क्वार्टर उठा रखे हैं। पूर्व में प्रशासन ने इन कालोनियों का सर्वे कराया था और जिन क्वार्टरों में अवैध रूप से लोग रह रहे थे उन्हें खाली कराने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक यह खाली नहीं हुए हैं।

शहर में पांच कालोनियां
 शहर में पांच कांशीराम आवासीय कालोनी का निर्माण कराया गया था। इसमें कासगंज रोड स्थित पीएसी के पीछे, जीटी रोड पर मंडी समिति के सामने, तीसरी पराग डेरी के पीछे व दो अन्य कालोनियां मानपुर के पास बनवाई गई थीं। मंडी समिति के सामने बनी कांशीराम कालोनी का बुरा हाल है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से यहां जलभराव की हमेशा समस्या बनी रहती है। हर समय गंदा पानी भरा होने से मच्छर भी पनप रहे हैं जिससे संक्रामक बीमारियां भी फैल रही हैं। कालोनी निवासी रानी देवी व सेवाराम ने बताया कि कम वोल्टेज के चलते टंकी में पानी नहीं पहुंच पाता है। इससे पानी की समस्या हर समय बनी रहती है।
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पराग डेरी के पीछे बनी कालोनी में रह रहे अनिल कुमार, शकीला बेगम, एयू खान ने बताया कि सफाईकर्मी प्रतिदिन नहीं आता है इससे कूड़ा करकट पड़ा रहता है। जलभराव भी रहता है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक 5, 6, 7, 8, 9, 10 व 11 में काफी समय से फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। इसके कारण यहां रह रहे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। वहीं यहां बनी पानी की टंकी सफेद हाथी साबित हो रही है।  

क्या कहते हैं पालिकाध्यक्ष
इन कालोनियों में जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं सफाई कार्य के लिए पांच सफाई कर्मी और एक सुपरवाइजर नियुक्त किया है जो यहां की साफ सफाई व्यवस्था को देखेंगे।
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- राकेश गांधी, अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद एटा।
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