फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चने की दाल निकाल रही दिवाला

Thu, 20 Oct 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा
विज्ञापन
चने की दाल निकाल रही दिवाला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दीपावली पर्व से पहले चने की दाल ने दिवाला निकाल दिया है। बाजार में इसकी कीमतों में जबरदस्त उछाल हुआ है।  इससे चने की दाल से बनने वाले खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ गए हैं।  
विज्ञापन

चने की दाल व बेसन लगभग सभी घरों में प्रयोग किया जाता है। पर, एक महीने के भीतर चने की कीमत में जबरदस्त तेजी आई है। वर्ष 2014 तक देशी चने की कीमत 35 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसके बाद कीमतों में तेजी आने लगी। 2015 में चना 48 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिका। वर्ष 2016 में दालों की महंगाई ने चने को भी अपनी चपेट में लिया, लेकिन इसकी कीमत अन्य दालों से फिर भी कम बनी हुई थी। इधर, एक माह पहले तक चना 70 रुपये और  इसकी दाल की कीमत 77 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं बेसन की कीमत 82 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस एक महीने में इसकी कीमत दोगुनी हो गई है। इस समय  चना 140 रुपये, इसकी दाल 145 रुपये एवं बेसन 150 रुपये प्रति किलो ग्राम की दर से बिक रहा है। इससे आमजन परेशान हैं।
कढ़ी का स्वाद हुआ कसैला
कासगंज। बेसन की कढी़ लोगों का पसंदीदा व्यंजन है। लोग काफी शौक से इसका सेवन करते हैं। पर, बेसन की कीमत में आई तेजी से कढ़ी का स्वाद कसैला हो गया है। वहीं बाजार में अभी तक 120 रुपये किलो तक बिकने वाले पकोड़े 150 रुपये किलो के भाव में बिक रहे हैं। मिष्ठान विक्रेताओं ने बेसन से बनने वाली सोन पपड़ी, बूंदी के लड्डू, बेसन के लडडू की कीमतें भी बढ़ा दी है। गृहणी अलका मखीजा ने बताया कि चने की दाल में आई महंगाई ने बजट को प्रभावित कर दिया है। पहले कभी इस दाल की कीमत इतनी ज्यादा नहीं थी।
विज्ञापन

-----
अभी पांच माह हैं नई फसल आने में
कासगंज। चने की नई फसल आने में अभी पांच माह का समय है। लगभग मार्च के महीने में बाजार में नई फसल आएगी। नई फसल के आने के बाद ही कीमतों में कमी आने की संभावना है। व्यापारी सोनू माहेश्वरी ने बताया कि दालों में इस समय सबसे अधिक महंगा चना व इसकी दाल है। कम पैदावार होने के कारण कीमतें बढ़ी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें