ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाएं सरकारी उपेक्षा के चलते दम तोड़ रही हैं। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं का तराशने और बढ़ावा देने के लिए युवा कल्याण विभाग और नेहरू युवा केंद्रों से खिलाड़ियों को खेलकूद सामान के अलावा प्रोत्साहन राशि मिलती थी, लेकिन अब सहायता नहीं मिलने से ग्रामीण युवा में मायूस हैैं।
युवा कल्याण विभाग द्वारा युवक मंगल दलों को खेलकूद का सामान उपलब्ध कराने के अलावा प्रोत्साहन राशि और अखाड़ों का निर्माण कराया जाता था, लेकिन अब ये सब पूरी तरह बंद हो चुका है।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद को बढ़ावा के लिए क्रीडाश्री की नियुक्ति कराकर खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की शुरुआत की, लेकिन राजीव गांधी खेल अभियान का गठन होते ही योजना समाप्त कर दी गई।
जबकि नेहरू युवा केन्द्र से ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के लिए दस हजार रुपये प्रति पंजीकृत क्लब प्रति वर्ष देने का प्रावधान था, अब वो भी बंद हो चुका है।