एटा। मेडिकल कॉलेज में आप जिस विभाग में इलाज के लिए जा रहे हैं, उसका ही पर्चा बनवाना पड़ेगा। यदि दो विभागों में दिखाना है तो दोनों के अलग-अलग पर्चे बनवाने होंगे। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को एक चिकित्सक को दिखाने के बाद दूसरे विभाग के चिकित्सक ने नया पर्चा मांगा। इस पर मरीजों को पर्चा काउंटर पर फिर लंबी कतार से जूझना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सुबह 8 बजे से शुरू हो जाती है। यहां मरीजों को पहले लाइन में लगकर पर्चा बनवाना होता है। इसके बाद चिकित्सक को दिखाकर परामर्श मिलता है। अभी तक एक ही पर्चे पर मरीज खांसी, जुकाम के साथ आंखों की दवा सहित अन्य कोई बीमारी होने पर किसी भी चिकित्सक को दिखाकर दवा ले लेता था, लेकिन अब नियमों में बदलाव हो गया है। इसके तहत यहां जिस चिकित्सक को दिखाना होगा, उस विभाग का पर्चा अलग से बनवाना पड़ेगा।
गांव रामनगर निवासी रामनाथ मंगलवार को खांसी के साथ जोड़ों में दर्द की दवा लेने आए थे। पहले उन्होंने अस्थि रोग विभाग में चिकित्सक को दिखा लिया। बाद में मेडिसन विभाग में पहुंचे तो चिकित्सक ने नया पर्चा बनवाकर लाने की बात कही। रामनाथ ने बताया 20 मिनट लाइन में लगने के बाद तो यह पर्चा बन पाया था। अब दूसरा पर्चा बनवाने की कही जा रही है।
गाजीपुर पहोर से आईं सुषमा ने बताया बच्चे को दवा दिलाने आए थे। बुखार आ रहा था चिकित्सक को दिखाकर दवा ली। चिकित्सक ने बच्चे के शरीर पर चक्कते देख त्वचा रोग विभाग में दिखाने को कहा। वहां गए तो पहले नया पर्चा बनवाकर लाने को कहा गया। पर्चा बनवाकर लाए तक चिकित्सक ने देखा। मामले में सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि पर्चे पर एक चिकित्सक किसी दूसरे चिकित्सक के परामर्श के लिए रेफर करता है तो वह मरीज को देखेंगे। नई किसी व्यवस्था को लागू नहीं किया है।
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद