बाजार में गेहूं की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्र अभी तक नहीं खुले हैं, जिससे किसान परेशान हैं। किसान को मंडी में सरकारी रेट से कम कीमत पर अपना अनाज बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
किसान को गेहूं की अच्छी कीमत देने के लिए शासन ने 1525 रुपये का मूल्य निर्धारित किया है। क्रय केंद्र एक अप्रैल से खोलने के निर्देश हैं, लेकिन एक सप्ताह बाद भी क्रय केंद्र नहीं खुल सके हैं। जनपद में 35 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए है। मंडी परिसर में खाद्य विभाग, यूपी एसएस एवं कर्मचारी कल्याण निगम को एक एक केंद्र खोलना था, लेकिन अभी तक इन दोनों संस्थाओं ने अपने क्रय केंद्र नहीं खोले। अन्य स्थानों पर क्रय केंद्र न खुलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। जबकि मंडी में गेहूं की आवक भी शुरू हो गई है। अभी तक 1262 क्विंटल गेहूं मंडी में आ चुका है, लेकिन क्रय केंद्र न खुलने से किसान परेशान है। मंडी में गेहूं की कीमत 1450 रुपये के हिसाब से चल रही है। क्रय केंद्र खुले न मिलने पर किसान मंडी में ही कम कीमत पर अपना गेहूं बेचकर जाने को मजबूर हो रहा है।
कांटे पर मुहर लगने के लिए मंडी समिति में कांटा भेजा गया है। अभी तक कांटा वापस नहीं मिला है, जिससे क्रय केंद्र नहीं खुल सका है।
-सत्यपाल केंद्र प्रभारी यूपीएसएस