जिले के भीड़भाड़ वाले इलाकों में घरेलू गैस की खुलेआम रिफिलिंग की जा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी और पुलिस आंखें मूंदे बैठे हैं और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। घरेलू गैस की रिफिलिंग भरे बाजारों में होने से लोगों को दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। जबकि ये नियम विरुद्ध भी हैं।
शहर के अलावा मारहरा, मिरहची, अवागढ़, जलेसर, अलीगंज, जैथरा, धुमरी, सकीट, निधौलीकलां और राजा का रामपुर में घरेलू गैस को ऑटो रिक्शा और हलवाई की दुकानों पर व्यवसायिक क्षेत्र में प्रयोग किए जाने के मामले आम होते जा रहे हैं। कई बार गैस रिफिलिंग किए जाने के चलते होने वाली दुर्घटनाओं को भी नजर अंदाज किया जाता है।
ऐसे मिलते हैं सिलेंडर
जिन उपभोक्ताओं को वर्ष में पांच से छह सिलेंडरों की जरूरत होती है, वो सब्सिडी का लाभ लेकर गोदाम पर ही सिलेंडरों को छोड़ देते हैं। गोदाम संचालक इन सिलेंडरों को रिफिलिंग करने वाले और व्यवसायिक क्षेत्र में प्रयोग करने वालों को नौ सौ रुपये में बेच देते हैं। इसके बाद रिफिलिंग होती है।
खुलेआम हो रही रिफिलिंग
शहर के निधौली रोड पर खुलेआम गैस रिफिलिंग का कारोबार हो रहा है। इस रोड पर आए दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है, बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है। निधौली रोड पर तो एलपीजी गाड़ियों में भी रिफिलिंग की जाती है। 15 जून को मारुति वैन में गैस भरी जा रही थी, तभी उसमें आग लग गई और गाड़ी पूरी तरह से जल गई।
सिलेंडरों में आग लगने की हो चुकी घटनाएं
मारहरा। कस्बा मारहरा में गैस रिफिलिंग कारोबार के चलते कई बार सिलेंडरों में आग लगने की घटनाएं हुई हैं। इसके बाद भी ऑटो रिक्शा में भरे बाजार गैस की रिफिलिंग की जा रही है।
ऑटो रिक्शा में गैस किट लगवाकर जो नियमों का उल्लंघन हो रहा है, उसके लिए एआरटीओ ही बता सकते हैं, यदि गैस रिफिलिंग की उन्हें जानकारी मिलती है तो वह छापामार कार्रवाई करेंगे।
- अनूप कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी
शिकायत पर ऐसे ऑटो रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसमें यदि एलपीजी गैस की जगह घरेलू गैस का उपयोग होता पाया गया तो वाहन को सीज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- ओमप्रकाश वर्मा, एआरटीओ