कई दिन से पहाड़ी इलाकों एवं मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश से नदियों में उफान जारी है। हरिद्वार में गंगा नदी खतरे के निशान पर बह रही है। हरिद्वार से 1.68 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे जिले में लो फ्लड के हालात पैदा हो सकते हैं। पिछले 24 घंटो से गंगा के जलस्तर में तेजी से 15 सेमी की और वृद्धि हो गई है।
लगातार बारिश के कारण गंगा पिछले कई दिनों से उफान भर रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटो में और बारिश होने के संकेत दिए हैं। ऐसी स्थिति में गंगा और उफान भरेगी। जो तटवर्ती इलाकों में तबाही का कारण बन सकती है। जिले में लो फ्लड लेबल एक लाख क्यूसेक से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी आने पर हो जाता है। हालांकि लो फ्लड के हालात में बड़ी क्षति तो नहीं होती लेकिन खेतों में बाढ़ का पानी भर जाता है जिससे खेतों में क्षति हो सकती हैं। जिले के करीब 18 गांव लो फ्लड के लिए सिंचाई विभाग के द्वारा चिह्नित किए गए हैं। इन गांव में लो फ्लड होने पर जन जीवन पर असर पड़ने लगता है। हरिद्वार एवं नरौरा बैराज से लो फ्लड लेबल का पानी का डिस्चार्ज लगातार हो रहा है।
ये हैं लो फ्लड के दायरे में आने वाले गांव
कासगंज(ब्यूरो)। जिले में 18 गांव लो फ्लड के लिए चिह्नित किए गए हैं। सोरों इलाके के चंदनपुर, गऊपुरा, पाटकपुर, मानपुर नगरिया, सहावर के हसनपुर न्यौली, चंदवा पुख्ता, बाजनगर सफेद, बाजनगर गुलाबी हैं। जबकि पटियाली के देवकली, नवाबगंज, नगरिया, नगला तरसी, सिंकंदरपुर वेश्य, असदगढ़, हरौड़ा, नादरमई, सनोई खाम, लभेडा, नगला डामर हैं।
गंगा के उफान से जिले में खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता। गंगा के जलस्तर पर पूरी नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग की टीम के साथ भ्रमण करके कटान एवं बढ़ते हुए जलस्तर के हालातों का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग पूरी तरह से अलर्ट है।
- हरिराम शर्मा, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
कब-कब होगी बाढ़ की स्थिति
लो फ्लड- एक लाख से डेढ़ लाख क्यूसेक तक
मीडियम फ्लड- 1.5 लाख से 2.5 लाख क्यूसेक
हाई फ्लड - 2.5 लाख से 3.5 लाख क्यूसेक
डेंजर फ्लड 3.5 लाख से 4.5 लाख क्यूसेक
रविवार को गंगा में पानी का डिस्चार्ज
हरिद्वार- 1.68252 क्यूसेक
बिजनौर-1.15869 क्यूसेक
नरौरा- 84472 क्यूसेक