गंगा दशहरा पर्व पर स्नानार्थी अव्यवस्थाओं के बीच मंगलवार को गंगा में डुबकी लगाएंगे। घाटों पर सुरक्षा, सफाई समेत कोई भी इंतजाम नहीं हुआ है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि घाटों पर स्नान के समय सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक्शन प्लान बनाया गया है। अब प्रशासन की यह तैयारी कितनी कारगर रही, यह तो स्नान शुरू होने के बाद ही पता चलेगा।
गंगा दशहरा मंगलवार को है। इस स्नान पर्व पर एटा, कासगंज के अलावा फीरोजाबाद, आगरा, मथुरा के अलावा दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि जिले और राज्यों से स्नानार्थी भारी संख्या में गंगा स्नान को आते हैं। इस भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। बता दें कि गंगा दशहरा पर निजी वाहनों, बसों के अलावा बड़ी संख्या में स्नानार्थी ट्रेनों से भी आते हैं। सोमवार को ही बरेली रूट की सभी ट्रेनों पर गंगा स्नानार्थियों की भीड़ दिखी। जनपद के कछला, सोरो हरि की पैड़ी, लहरा, कादरगंज आदि गंगा घाटों पर मंगलवार की अलसुबह ही गंगा स्नान शुरू हो जाएगा। पर, घाटों पर सुरक्षा, सफाई की बदइंतजामी बनी हुई है। हालांकि प्रशासनिक अफसरों का दावा है कि गंगा घाटों पर सकुशल स्नान एवं यातायात को लेकर सारे इंतजाम कर लिए गए हैं। घाटों पर सुरक्षा के लिए सिविल पुलिस के अलावा महिला पुलिस की भी तैनाती की गई है। रूट भी डायवर्ट किया गया है।
कासगंज(ब्यूरो)। जनपद में स्नान पर्वों के दौरान अक्सर हादसे होते रहते हैं। फिर भी प्रशासन इन दुर्घटनाओं से सबक नहीं लेता है। बता दें कि जनपद के ज्यादातर घाट कच्चे हैं। जहां पर लाखों श्रद्धालु स्नान पर्वों पर डुबकी लगाते हैं। स्नान के दौरान कच्चे घाट और गंगा में बने गड्ढों के कारण जानलेवा हादसे होते रहते हैं।
कासगंज(ब्यूरो)। पहाड़ों पर बर्फ पिघलने एवं बारिश के कारण गंगा का जलस्तर इन दिनों बढ़ा हुआ है। इसके कारण स्नानार्थियों को गंगा में डुबकी लगाने के दौरान सावधानी बरतनी होगी।