एटा। शहर में बृहस्पतिवार को गणाचार्य विराग सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश होगा। सुबह 7 बजे उनकी अगवानी की जाएगी। पहली बार जिले में 60 पिच्छिकाधारी साधु-साध्वियों संग किसी जैन मुनि का आगमन हो रहा है। उनके स्वागत की तैयारी में जैन समाज के लोग बुधवार को दिन भर जुटे रहे। शहर में कई जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं। बड़े जैन मंदिर को सजाया गया है।
श्री दिगंबर जैन पदमावती पुरवाल पंचायत के महामंत्री आनंद जैन ने बताया कि आचार्य श्री 108 विमल सागर महाराज के शिष्य और आचार्य श्री 108 विमर्श सागर महाराज के गुरुजी गणाचार्य 108 विराग सागर महामुनिराज के उत्तर प्रदेश में अब तक दो चातुर्मास हुए हैं। इससे पहले उन्होंने ललितपुर और गाजियाबाद में चातुर्मास किया था। अलीगढ़ मंडल में पहली बार उनका मंगल प्रवेश हो रहा है। इसे लेकर पूरे जैन समाज में काफी उत्साह है।
उन्होंने बताया कि चातुर्मास वर्षा योग करते हुए लगभग पांच महीने तक महाराज बड़े जैन मंदिर में प्रवास करेंगे। 24 जुलाई को कलश स्थापना, 25 जुलाई को वीरशासन जयंती, 15 अगस्त को पार्श्वनाथ भगवान का निर्माण लाडू सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और आयोजन किए जाएंगे। चातुर्मास के बाद पंचकल्याणक महोत्सव भी होगा। महामंत्री ने बताया कि महामुनिराज अब तक 425 मुनियों को दीक्षित कर चुके हैं। बुधवार को वह निधौली कलां पहुंच चुके हैं, बृहस्पतिवार सुबह करीब 7 बजे यहां शहर में उनका मंगल प्रवेश होगा।