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गल्ला मंडी में दोपहर तक हड़ताल, फिर काम शुरू

Fri, 08 May 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, एटा
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गल्ला मंडी के आढ़तियों की शुक्रवार को हड़ताल रही। आढ़तियों ने विरोध-प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। हालांकि  दोपहर बाद एसडीएम सदर ने मंडी पहुंच व्यापारियों को समझा बुझाकर हड़ताल खत्म करा दी। हड़ताल के चलते किसान मंडी में गल्ला लेकर भटकते हुए दिखाई दिए, लेकिन दोपहर बाद गेहूं की खरीद शुरू की।
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शुक्रवार को मंडी व्यापारियों और एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह के बीच बातचीत हुई। एसडीएम ने कहा व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। इसके बाद व्यापारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी। गुरुवार को एसडीएम के मंडी समिति पहुंचकर गल्ला व्यापारियों के स्टॉक रजिस्टर चेक करने से व्यापारी आक्रोशित थे।
इधर किसान जानकारी के अभाव में अपना गल्ला लेकर मंडी पहुंचने लगे।

मंडी में हड़ताल शुरू होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और एसडीएम गल्ला व्यापारियों से वार्ता करने मंडी पहुंचे। जहां उन्होंने मंडी व्यापारियों को समझा बुझाकर हड़ताल बंद कराई। वार्ता के दौरान खाद्यान व्यापार के अध्यक्ष हरीश गुप्ता, महामंत्री पुष्पेंद्र यादव, सतीशचंद्र गुप्ता, आनंद यादव, रामखिलाड़ी यादव, ग्रीश वर्मा, सुनील गुप्ता आदि मौजूद थे।
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इसके चलते शुरू हुई थी हड़ताल
मंडी में सरकारी गेहूं खरीद के लिए छह गल्ला व्यापारियों को प्रशासन की ओर से लाइसेंस जारी किया गया। जिनके स्टॉक आदि को चेक करने के लिए एसडीएम ने व्यापारियों से स्टॉक रजिस्टर आदि की मांग की थी। इसके बाद मंडी के व्यापारियों के बीच अफवाह उड़ी एसडीएम द्वारा गल्ला व्यापारियों के साथ उत्पीड़न किया जा रहा है। जबकि एसडीएम ने बताया कि यह रूटीन की प्रक्रिया है, जो उनके द्वारा मंडी में हर रोज की जा सकती है।


दोपहर तक भटकते रहे किसान
हड़ताल के चलते दुकानें बद रहीं। इससे किसान अपना गल्ला लेकर मंडी में भटकते नजर आए। सकीट क्षेत्र के किसान रविंद्र सिंह ने बताया कि मंडी में हड़ताल के चलते सुबह से उनका गल्ला नहीं बिका है। किसान फसलों की बर्बादी को लेकर पहले से परेशान हैं। इसके बाद उन पर गल्ला व्यापारियों की हड़ताल भारी पड़ रही है। 
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