जिले की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव और कस्बों को तो चार घंटे भी लगातार आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते जिले में पेयजल संकट भी गहरा गया है। वहीं विद्युतापूर्ति नहीं होने से विद्युत उपकरण भी शोपीस बन गए हैं।
जिले में बिजली आपूर्ति के हालात नहीं सुधर रहे। रमजान के दिनों में अनवरत आपूर्ति के आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं। 24 घंटों में से 12 घंटे भी लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं कस्बों और गांव का हाल तो और बुरा है। यहां तो 24 घंटे में से चार घंटे भी नियमित विद्युतापूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे रोजेदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जैथरा, राजा का रामपुर, सकीट, सराय, मलावन, बागवाला आदि को चार घंटे से भी कम समय की विद्युत आपूर्ति हो रही है।सुबह शाम की विद्युत कटौती पर रोजेदारों ने खासी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस समय कटौती से सेहरी एवं इफ्तार प्रभावित हो रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऊपर से ही मिल रही कम आपूर्ति के चलते परेशानी आ रही है।
शिकोहाबाद रोड पर लो वोल्टेज की समस्या का निदान नहीं हो पा रहा। ऐसे में यहां बिजली आना न आना एक जैसा रहता है। सुनहरी नगर निवासी राकेश सिंह, शिकोहाबाद रोड निवासी धनंजय सिंह आदि का कहना है कि लो वोल्टेज के चलते एसी-कूलर तो दूर पंखे भी नहीं चल पा रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं आ रहा है।
सुबह-शाम की कटौती से सेहरी एवं इफ्तार में परेशानी हो रही है। कटौती के चलते पेयजल आपूर्ति भी सुचारु नहीं हो पा रही।
--इलियास अहमद, रोजेदार, किदवई नगर, एटा