शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली का बुरा हाल है। किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। ट्रांसफार्मर फुंके और तार टूटे पड़े हैं। इससे 29 से ज्यादा गांवों में अंधेरा है। राजा का रामपुर में दो दिन पहले फुंकी ओसीबी अभी तक सही नहीं हुई है। वहीं पिलुआ में चार दिन पहले फुंका ट्रांसफार्मर न बदले जाने से मेन मार्केट सहित आधा कस्बा अंधेरे में है। शनिवार की रात अज्ञात वाहन ने खंभे में टक्कर मारकर तार तोड़ दिए। इससे कुछ क्षेत्रों में आ रही आपूर्ति भी बाधित हो गई।
पिलुआ स्थित सहकारी बैंक में रखा ट्रांसफार्मर 29 जनवरी को फुंक गया। ऐसे में मुख्य बाजार सहित आधा कसबा अंधेरे में डूबा है। रही सही कसर शनिवार रात को अज्ञात वाहन की टक्कर से टूटे खंभे ने पूरी कर दी। ऐसे में अन्य भागों की आपूर्ति भी बाधित हो गई। चार दिनों बाद भी विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर न बदलने से उपभोक्ताओं में आक्रोश है। इनका कहना है कि सिंचाई के दिनों में बाधित आपूर्ति फसलों पर भी भारी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने अधिशासी अभियंता से विद्युत व्यवस्थाएं सुचारु करने की मांग की है। मांग करने वालों में भोले जैन, चिंटू गुप्ता, रामदास, एसपी सिंह, डॉ. एनपी सिंह आदि हैं। राजा का रामपुर भी विद्युत अव्यवस्थाओं का हब बन गया है। आपूर्ति के नाम पर यहां उपभोक्ताओं को छला जा रहा है। दो दिन पहले फुंकी ओसीबी अभी तक सही नहीं हुई है। इसके चलते कसबा सहित 29 गांवों की आपूर्ति ठप पड़ी है।
रबी की फसल के लिए सिंचाई की जरूरत
मौसम साफ होते ही अब किसानों को रबी की फसलों की सिंचाई करनी पड़ेगी। सिंचाई के लिए जिले के किसान अधिकतर बिजली पर निर्भर रहते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की हो रही कटौती से किसान अभी से चिंतित नजर आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश के बावजूद वहां दो से चार घंटे की कटौती की जा रही है।
विद्युत विभाग द्वारा गत 12 जनवरी से चलाए जा रहे अभियान के दौरान अब तक शहर में की गई कार्रवाई पर एक नजर।
- बिजली चोरी में 109 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
- 82 लाख के 303 बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए हैं।
- दो करोड़ 85 लाख रुपये का राजस्व वसूला गया है।
- 287 मीटर बदले गए, इनमें से 52 मीटरों से छेड़छाड़ के मामले सामने आए। इनमें संबंधितों को नोटिस आदि दिए गए हैं।
वैसे आपूर्ति सही मिल रही है। सर्दी के मौसम के चलते कुछ व्यवधान पैदा हो रहा है।
- गोपीचंद्र भास्कर, उपखंड अधिकारी प्रथम