हे विधाता, अब और कितना दर्द सहेगा अन्नदाता। प्रकृति का कहर किसानों पर
आफत बनकर गिर रहा है। ऐसा लगता है कि कुदरत किसान के धैर्य की परीक्षा ले
रहा है। बारिश तो कभी ओलावृष्टि झेल चुका किसान को अब तूफान ने झकझोर दिया।
सोमवार रात आंधी और तूफान जानलेवा बन गया। जिले भर के ग्रामीण इलाके में
चार मौत हो गईं जबकि 10 लोग घायल हो गए।
सोमवार रात तीव्र गति की आंधी और तूफान ने कई इलाकों में जबरदस्त तबाही
मचा दी। कई मकानों की दीवारें गिर गईं। जिसके मलबे में दबकर रात में सोते
समय चार लोगों की जान चली गईं। जबकि आधा दर्जन लोग घायल है। सभी मृतकों के
पोस्टमार्टम कराए गए हैं।
सोरों के गांव नगला लाले में राधेश्याम का
पुत्र अंशुल(19) अपने बाबा लालसिंह के साथ झोंपड़ी में सोया हुआ था। रात
में तेज आंधी के साथ खंभा गिर गया। जिसके नीचे दबकर अंशुल की मौत हो गई,
जबकि लाल सिंह घायल हो गए। सोरों के गांव बरौदा में सुरेश के मकान की छत पर
पड़ोस के मकान की दीवार गिर गई। जिसके चलते उसकी छत गिर पड़ी। छत के नीचे
सो रहे सुरेश की पुत्री बबिता, पु़त्र सुमित और राजीव दब गए। बबिता(15) की
मौके पर मौत हो गई। सुमित-राजीव घायल हो गए।
हरि की पैड़ी स्थित वराह
गौशाला की दीवार, टिन गिर जाने से एक गाय की मौत हो गई। कोतवाली के पास
राजमार्ग पर पेड़ टूटकर गिर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। नगला बरी,
दतलाना में पेड़ टूटकर गिर गए। न्योली में दुर्गा कालोनी में पेड़ टूटकर
गिरने से मंदिर की दीवार चटक गई। नगरिया में विशकुमार के घर की दीवार पर
पेड़ टूटकर गिरने से दीवार चटक गई। मल्लाहनगर में पेड़ टूटकर गिरने से नबी
मुहम्मद के मकान की दीवार व दरवाजे टूट गये। सोरों के ग्राम दुलीचंद्रपुर
में झोपड़ी गिरने से उसमें दबकर फ ुलवारी(60), करनसिंह(50) गंभीर घायल हो
गए।
कासगंज के ग्राम अहरौली में रुपसिंह आंगन में सो रहे थे। पड़ोसी की
टीन उड़कर आई। दीवार की ईंट उनके ऊपर गिरी। जिससे वह घायल हो गए। ग्राम
कलियानपुर में रामसनेही दीवार गिरने से घायल हो गए।
सहावर के ग्राम
बाजनगर में राजेंद्र सिंह का परिवार छप्पर के नीचे सोया हुआ था। रात को आए
तूफान से छप्पर गिर गया। छप्पर के नीचे दबने से राजेंद्र की पुत्री कुमारी
पायल(12) की मौत हो गईं। जबकि उनकी पत्नी रामकली (35) पुत्री प्रेमा(5)
घायल हो गई। गांव में दीवार गिरने से दीवार की चपेट में आकर अमरवती (30)
घायल हो गईं। हरीशंकर के यहां दीवार गिरने से उसकी भैंस मलबे में दबकर मर
गईं। गांव शहबाजपुर में ठाकुर उदयवीर सिंह(50) झोपड़ी में सो रहे थे। उनकी
झोपड़ी की दीवार गिर गई और छप्पर गिर गया। जिसके नीचे दबने से उदयवीर सिंह
की मौत हो गईं। वहीं बरगद का पेड़ गिरने से राजेंद्र सिंह का मकान क्षति
ग्रस्त हो गया। सहावर में वट पेड़ सड़क पर गिर जाने से कई घंटे तक जाम लगा
रहा।
गंजडुंडवारा में पाखड़ का पेड़ आंधी में उखड़ गया। वहीं खंबों पर
लगे होर्डिग्ंस उड़ गये। कादरगंज नगरिया में तथा कादरगंज से मिहोला जाने
वाली विद्युत लाइन टूट गई। जिससे बिजली व्यवसथा चरमरा गई। वहीं पटियाली
क्षेत्र में भी आंधी बारिश से काफी नुकसान हुआ।
डीएम जेपी त्रिवेदी
ने अमर उजाला को जानकारी देते हुए बताया कि आंधी तूफान से जिले में चार
मौत हुई हैं। सभी मृतक आश्रितों और घायलों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस
संबंध में सभी एसडीएम को जांच रिपोर्ट सहायता देने के लिए तैयार करने को
निर्देश दिए हैं।