एटा। स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण स्तर पर दुरुस्त किया जा रहा है। जिससे गांव के लोगों को शहरों की दौड़ न लगानी पड़े। गांवों में बनाए गए चार जन आरोग्य मंदिरों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस में शामिल किया गया है। अब इनकी व्यवस्थाएं और बेहतर करने के लिए हर साल 1.5-1.5 लाख रुपये मिलेंगे।
जनपद में 178 जन आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इन जन आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ की तैनाती है। यहां मरीजों का उपचार किया जाता है। कुछ पर प्रसव कराए जाते हैं। इन केंद्रों पर क्या स्वास्थ्य सेवाएं हैं इनका सत्यापन चल रहा है। केंद्र व राज्य सरकार की टीम इसका सत्यापन करती है सत्यापन में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलती हैं तो उसे नेशनल अवार्ड दिया जाता है। दो जलेसर, एक अवागढ़ और एक मारहरा के जन आरोग्य मंदिर को नेशनल अवार्ड मिला है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि जिले के चार जन आरोग्य मंदिर नेशनल अवार्ड के लिए चयनित किए गए हैं। इनको प्रति वर्ष स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए अलग से डेढ़- डेढ़ लाख रुपये दिया जाएगा।