एटा। टीबी रोगियों को खानपान में कोई समस्या न आए इसके लिए शासन से प्रतिमाह एक हजार रुपये रोगी के बैंक अकाउंट में डाले जाते हैं। जिले में नि:क्षय योजना के तहत धनराशि मरीजों के खातों में भेजने में लापरवाही हुई है। विभागीय समीक्षा में 400 मरीज ऐसे मिले हैं, जिन्हें राशि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस लापरवाही पर सीएमओ ने टीबी की लेखाकार व 10 सीनियर टीटमेंट सुपरवाइजर का वेतन रोकने की कार्रवाई की है।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया जिले को टीबी मुक्त करने पर पूरा जोर है। मरीजों को खोजकर उनका उपचार शुरू किया जा रहा है। मरीजों को खान-पान संबंधी समस्या न आए वह बेहतर खानपान कर सकें। इसके लिए नि:क्षय पोषण योजना के तहत सरकार मरीजों को एक हजार रुपये प्रतिमाह देती है। यह धनराशि मरीजों के बैंक खातों में डाली जाती है। समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले में 400 के लगभग मरीज ऐसे हैं किसी को एक माह तो किसी को दो से तीन माह से धनराशि नहीं मिली है। इसी को लेकर टीबी की लेखाकार पूनम यादव सहित ब्लॉकों पर तैनात 10 एसटीएस ( सीनियर टीटमेंट सुपरवाइजर) का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। बताया जैसे- जैसे मरीजों का भुगतान होता जएगा। कर्मियों का वेतन निकालने की कार्रवाई की जाएगी।