एटा। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को सपा और भाजपा से घोषित दोनों प्रत्याशियों के अलावा दो अन्य ने नामांकन किया। इस दौरान सपा पक्ष ने दो विरोधी दो प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों पर आपत्ति की। हालांकि जांच में सभी नामांकनपत्रों को सही घोषित किया गया है।
कलक्ट्रेट स्थित डीएम न्यायालय में बनाए गए निर्वाचन कार्यालय में सुबह 11 बजे से नामांकन प्रक्रिया शुरू की गई। सबसे पहले सपा से घोषित प्रत्याशी पूर्व जिपंअ जुगेंद्र सिंह यादव की पत्नी रेखा यादव और उनकी पुत्रवधू सोनी यादव नामांकन करने के लिए पहुंचीं। रेखा यादव ने दो और सोनी ने एक सेट में डीएम अंकित अग्रवाल को नामांकनपत्र प्रस्तुत किए। इस दौरान कलक्ट्रेट के बाहर सपा कार्यकर्ताओं की खासी भीड़ रही।
दोपहर 2 बजे के बाद भाजपा से घोषित प्रत्याशी विनीता यादव और भाजपा समर्थित सदस्य गीता देवी कलक्ट्रेट पहुंचीं। साथ में भाजपा सांसद राजवीर सिंह, विधायक सदर विपिन वर्मा डेविड, मारहरा वीरेंद्र सिंह लोधी, अलीगंज सत्यपाल राठौर, जलेसर संजीव दिवाकर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। विनीता का नामांकन हो गया, जबकि गीता देवी के नामांकनपत्र में कुछ कमी रहने पर वह वापस चली गईं। कुछ समय बाद कमी पूरी कर उन्होंने भी नामांकन कर दिया। इसके बाद सपा पक्ष के अधिवक्ताओं ने दोनों के प्रस्तावक और अनुमोदक के नामों पर आपत्ति जताई। इसे लेकर अधिकारियों के साथ भी काफी बहस हुई। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन कक्ष में जाने पर भी सपा पक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई। 3 बजे से शुरू हुई नामांकन पत्रों की जांच में चारों प्रत्याशियों के नामांकन सही घोषित कर दिए गए।
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नामांकन न होने पर रो पड़ीं गीता
नामांकनपत्र में कुछ कमी रह जाने पर जब गीता देवी को वापस कर दिया गया तो वह रो पड़ीं। इस बीच उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए। जानबूझकर कमी दूर न कराने का आरोप लगाया। पति को बंधक बनाने की बात भी कहने लगीं। हालांकि कुछ देर बाद ही कमी पूरी होने पर उनका नामांकन होने के बाद संतुष्टि भी जता दी।
वर्जन
प्रत्याशी के प्रस्तावक और अनुमोदक का नाम मतदाता सूची में होना जरूरी है, जो सभी प्रत्याशियों के थे। ऐसे में आपत्ति का निस्तारण कर चारों प्रत्याशियों को विधिमान्य घोषित किया गया है। - अंकित अग्रवाल, डीएम
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