समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव और उनके भाई रामेश्वर सिंह यादव को 26 सितंबर को दर्ज मुकदमों में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद दोनों नेताओं को एटा जेल से रिहा कर दिया गया। रामेश्वर सिंह यादव 5 अक्टूबर को जैथरा में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं पर लगभग 100-100 मुकदमे दर्ज हैं।
जुगेंद्र सिंह यादव को 9 मार्च 2023 को मथुरा के जैत मोड़ से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उन पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह जिला कारागार एटा में बंद थे। इससे पहले, पुलिस ने 9 जून 2022 को अलीगंज के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव को आगरा से गिरफ्तार किया था। उन्हें 10 जून को जेल भेजा गया था और बाद में सुरक्षा कारणों से अलीगढ़ की जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
रामेश्वर सिंह यादव तीन बार विधायक रह चुके हैं। वह 1996 में अलीगंज विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने 2002 और 2012 में भी समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता। 2017 और 2022 के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
वहीं, जुगेंद्र सिंह यादव 2006 और 2011 में जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। उन्होंने 2017 और 2022 में एटा सदर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। वर्तमान में उनकी पत्नी रेखा यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। दोनों नेताओं की जमानत मंजूर होने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
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