उन्होंने बताया कि अगस्त 2020 से फरवरी 2023 तक वह एटा में तैनात रहे। पार्टी बनाने के सवाल पर कहा कि उनका उद्देश्य केवल लोगों को जागरूक करना है ताकि सरकार इस कानून को वापस ले। किसी भी समाज, संगठन या वर्ग द्वारा बुलाए जाने पर वहां पहुंचेंगे और अपनी बात रखेंगे। कलराज मिश्र द्वारा यूसीजी के नए नियमों का विरोध किए जाने पर अग्निहोत्री ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं द्वारा चेतावनी के बावजूद जनप्रतिनिधि नहीं समझ रहे हैं कि यूजीसी का नया नियम कितना घातक साबित होगा। यह सिर्फ किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी सभी के लिए दुखदायी है। देश में विवाद व तनाव की स्थिति पैदा करेगा व समाज में मारपीट व टकराव को बढ़ावा देगा।
जनप्रतिनिधियों की संपत्तियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो, सैन्य खुफिया एजेंसियां व अन्य जांच संस्थाओं के पास इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। इन नेताओं की करतूतें भी जल्द उजागर होंगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यह बड़ी शर्मनाक घटना है।
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