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खाद्यान्न घोटाले की दोबारा जांच के आदेश

Wed, 28 Jan 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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जिले में खाद्यान्न घोटाले के मामले में मिलीं शिकायतों पर शासन फिर गंभीर हो गया है। इस मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं। कभी भी टीमें एटा आकर जांच कर सकती हैं। इससे संबंधित विभागीय कर्मचारियों में खलबली मची है। वहीं उच्च न्यायालय ने भी शासन को रिमाइंडर भेजा है। पूर्व में हुई मामले की जांच के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
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बता दें कि जैथरा के आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने 27 सितंबर 2012 को आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग लखनऊ से शिकायत की थी। उसमें कहा था कि जिले में विभिन्न स्थानों पर प्रशासनिक व विभागीय टीमों द्वारा की गई छापामार कार्रवाई में हजारों क्विंटल गेहूं, चावल व चीनी आदि बरामद किया गया था। मगर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति हुई। उन्होंने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। इस पर 12 अक्तूबर 2013 को जांच के लिए इलाहाबाद से टीम आई थी, लेकिन शिकायतकर्ता जांच से संतुष्ट नहीं हुआ। मामले की फिर से शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव से की। इस पर फिर से मामले की जांच के लिए नौ दिसंबर 2014 को खाद्य प्रकोष्ठ कानपुर की निरीक्षक जीजे सिद्दीकी आईं।


उन्होंने यहां आकर शिकायतकर्ता व विभागीय अधिकारियों से बातचीत की और दस्तावेज देखने के साथ शिकायतकर्ता के भी बयान दर्ज किए। जैथरा व अलीगंज थाने भी पहुंचीं, जहां दर्ज मामलों के बारे में जानकारी ली। बताते हैं कि जो शिकायत की गई थीं वह छह बिंदुओं पर थीं। इनमें से चार मामलों में तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी जे के आदेश पर रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के चलते अब इसमें आगे की कार्रवाई विवेचना के बाद ही होगी। संबंधित अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है।
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दूसरी ओर, फिर से की गई मामले की शिकायत के बाद शासन इस पर गंभीर है और अलग-अलग विभागों को इसकी जांच सौंपी गई है। बताते हैं कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा मामले में दिए गए समय के बाद भी रिपोर्ट नहीं सौंपने पर फिर शासन को रिमाइंडर भेजा है।



खाद्यान्न घोटाले की जांच शासन ने अलग-अलग विभागों को सौंपी है। मगर अभी यह नहीं पता कि कौन-कौन से विभाग इसकी जांच कर रहे हैं। जल्द ही टीमें एटा आकर मामले की जांच करेंगी।
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- जयशंकर प्रसाद, निरीक्षक, खाद्य प्रकोष्ठ, इलाहाबाद
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