एटा। विकासखंड शीतलपुर की पांच ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कराए जाने वाले कार्य नहीं कराए गए और करीब 35 हजार रुपये का गबन किया गया। यह गबन सोशल ऑडिट के माध्यम से पता चला। जिसके बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को तीन बार नोटिस भी दिया गया उसके बाद भी रिकवरी की धनराशि जमा नहीं कराई जा रही है।
ग्राम पंचायत घिलौआ, सियपुर, पहरा मजरा कबीरपुर, न्योराई व सरजनपुर के पूर्व प्रधानों पर करीब 35 हजार 906 रुपये की रिकवरी निकाली गई। इसको लेकर उन्हें तीन बार नोटिस दिए गए। लेकिन किसी भी पूर्व प्रधान द्वारा अभी तक रिकवरी धनराशि जमा नहीं कराई गई है। बीडीओ शीतलपुर शैली गोविल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18 व 2019-20 में ग्राम प्रधानों ने मनरेगा के तहत कार्य कराए थे। जो सोशल ऑडिट के दौरान मौके पर नहीं पाए गए।
इस पर ग्राम पंचायत घिलौआ के पूर्व प्रधान सुदेश कुमार पर 1566 रुपये, सियपुर के पूर्व प्रधान भूपेंद्र सिंह पर 14 हजार 500 रुपये, पहरा मजरा कबीरपुर की पूर्व प्रधान रेशम देवी पर 14 हजार 269 रुपये, न्योराई की पूर्व प्रधान गुड्डो देवी पर 1682 रुपये और सरजनपुर के पूर्व प्रधान शैलेंद्र कुमार पर 3886 रुपये की रिकवरी तय की गई। उन्होंने बताया कि सोमवार को रिकवरी के लिए जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल को पत्र भेजा जाएगा जिसके बाद इन्हें डिफॉल्टर घोषित कर आगामी चुनाव में नो ड्यूज प्रदान नहीं किया जाएगा।
बीडीओ ने बताया कि अगर पूर्व प्रधानों द्वारा रिकवरी की धनराशि जमा नहीं कराई जाती है तो तहसील स्तर से इसकी रिकवरी कराई जाएगी। जल्द ही इनकी आरसी जारी कराई जाएंगी।