एटा। जिले के 5 ब्लॉक पूरी तरह से घुमंतू गोवंश से मुक्त हो गए हैं। यह दावा संबंधित बीडीओ ने किया है। अब तीन ब्लॉकों में ही घुमंतू गोवंश बचे हैं। इनको 15 अप्रैल तक का समय दिया गया है।
प्रशासन की ओर से गोवंशों से मुक्त होने का प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत और ब्लॉक से मांगा गया था। बृहस्पतिवार तक अलीगंज, सकीट, जलेसर, अवागढ और निधौली कलां ने घुमंतू गोवंशों से मुक्त होने का दावा किया और प्रमाणपत्र भी दिए हैं। ब्लॉक अलीगंज से 57, निधौली कलां से 40, सकीट से 117, जलेसर से 40 और अवागढ़ से 28 गोवंशों को पकड़ा गया है। हालांकि ब्लॉक स्तर से जारी किए गए प्रमाण पत्रों को लेकर अधिकारी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
शेष बचे ब्लॉक शीतलपुर में 60, मारहरा में 30 और जैथरा में 55 गोवंशों के शेष बचने की बात कही जा रही है। इन तीनों ही ब्लॉकों के अधिकारियों ने अभी तक प्रमाण पत्र नहीं दिए हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पांच ब्लॉकों के बीडीओ की ओर से सत्यापित प्रमाण पत्र दिए गए हैं। जबकि तीन ब्लॉक शेष हैं। प्रमाण पत्र देने वाले ब्लॉकों का औचक निरीक्षण कराया जाएगा। अगर संबंधित ब्लॉक में निराश्रित गोवंश पाएं जाते हैं तो शासन और प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।