एटा। लॉकडाउन का दूसरा दिन कुछ लोगों के लिए मुश्किल से बीता। हमेशा बाहर रह कर कार्य करने वाले लोगों और जनप्रतिनिधियों को पूरे दिन घर में रुकना पड़ रहा है। इस दौरान कुछ लोगों ने रसोई में हाथ बंटाया तो कुछ लोगों ने माता रानी की पूजा की। जनप्रतिनिधियों ने फोन पर लोगों की समस्याएं सुनीं, उसी पर समाधान किया।
देश के सबसे बड़े लॉकडाउन को जनहित में सहर्ष स्वीकार कर रहे लोगों को समय गुजारना मुश्किल हो रहा है। टीवी देखने, सोने से ऊब रहे लोग फोन पर बातें कर रहे हैं। कुछ लोगों ने तो एक दो मित्रों के साथ बैठकर समय गुजारा। अधिकतर का कहना है कि इतनी फुरसत जीवन में पहली बार महसूस की है। इनका कहना है कि नवदुर्गा के चलते नौ दिन आसानी से गुजर जाएंगे।
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यद्यपि सार्वजनिक जीवन में एकाकीपन की आदत नहीं रहती। फिर भी लॉकडाउन में क्षेत्र में जाना व लोगों को भी आने से रोक दिया है। फोन पर ही इनकी समस्याएं सुनकर संभव सहायता कर रहा हूं। परिजनों के साथ ही ये दिन बिताऊंगा।
-रज्जनपाल सिंह चौहान, पूर्व विधायक
लंबे समय बाद बृहस्पतिवार का दिन परिवार के साथ गुजारा। सुबह मातारानी की पूजा-अर्चना के बाद पूरी समय टीवी समाचारों एवं परिजनों के नाम रहा। सभी ने अच्छा महसूस किया। लोगों की समस्याएं फोन पर सुनीं एवं निस्तारित कीं।
-सत्यपाल सिंह राठौर, विधायक अलीगंज
21 दिन के लॉक डाउन दूसरा दिन फुरसत का रहा। वर्षों से पुलाव बनाना सीखना चाहता था। पत्नी के निर्देशन में आज इसका सफल प्रयोग भी किया। शेष समय टीवी देखने में गुजारा।
-आलोक जैन, व्यापारी नेता
इंद्रपुरी स्थित आवास में रसोई में पत्नी का हाथ बटाते उद्योग पति आलोक जैन- संवाद- फोटो : ETAH
अपने क्षेत्र के अपने कार्यकर्ता व समर्थकों की समस्या की जानकारी फोन पर करते सदर विधायक विपिन वर्?- फोटो : ETAH
शहर में परिवार के लोगों के साथ कोरोना वायरस पर चर्चा करते पूर्व विधायक रज्जन पाल सिंह चौहान- संवा?- फोटो : ETAH