जिले में दो दमकल की गाड़ियों के सहारे बड़े हादसे से निपटने के प्रशासनिक दावों की पोल मंगलवार को उस समय खुल गई, जब कचहरी रोड स्थित तीन मंजिल भवन में लगी आग को बुझाने के लिए पानी नहीं पहुंचने के कारण दो बच्चों की जलकर मौत हो गई। आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर आधा घंटा देरी से पहुंची दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में नाकाम रहीं। तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचाने के लिए अग्निशमन विभाग के पास क्रेन तक नहीं है। मंगलवार को तीन मंजिल तक पानी पहुंचाने के लिए नगर पालिका की क्रेन मशीन का सहारा लेना पड़ा। लेकिन वह भी पानी पहुंचाने में नाकाम रही।
अग्निशमन विभाग के पास बड़े हादसे से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। ‘अमर उजाला’ कई बार प्रशासन और नगरवासियों को अपनी खबरों के माध्यम से अवगत करा चुका है। शहर में मंगलवार को हुई घटना के बाद हालात यह हो गए कि शाम तक विभाग के किसी भी अधिकारी और कर्मचारियों से मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पाया। बता दें कि विभाग के पास आग बुझाने के लिए दमकल की दो छोटी और दो बड़ी गाड़ियां हैं। इसके अलावा पूरे जिले में विभाग का एक ही केंद्र है, जिस पर जलेसर और अलीगंज क्षेत्र निर्भर हैं। ऐसे में विभाग की इस नाकामी पर लोगों में जबरदस्त नारजगी है। हालांकि दमकल वाहनों को पानी उपलब्ध कराने के लिए पुलिस लाइन में हाइड्रेड पाइंट सांसद निधि से बना है।