जलेसर। एसीजेएम के आदेश पर कोतवाली में नगर के चिकित्सक दंपती पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। इसमें नगर के चिकित्सक दंपती और एक आशा कार्यकर्ता की लापरवाही से नवजात की मौत होने और प्रसूता की हालत बिगड़ने का आरोप है।
न्यायालय के माध्यम से कोतवाली में दर्ज कराई प्राथमिकी में महावीर गंज निवासी अमित ने बताया 7 जनवरी को उसकी पत्नी कुमकुम को प्रसव पीड़ा होने पर पड़ोस की आशा कार्यकर्ता प्रीति सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय अपनी बहन डॉ. तनु के क्लीनिक पर ले गईं। यहां पर बिना सहमति के प्रसूता को बेहोश कर उसे आगरा अड्डा स्थित शिवशंकर हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया।
पीड़ित अमित ने बताया डॉ. तनु और डॉ. रोहित ने ऑपरेशन की धनराशि जमा कराने के बाद गलत तरीके से नॉर्मल डिलेवरी की कोशिश की। इस प्रक्रिया में नवजात बच्ची के सिर पर गंभीर चोटें आने से उसकी मौत हो गई और प्रसूता का गर्भाशय क्षतिग्रस्त हो गया। हालत बिगड़ने पर आगरा के एक निजी अस्पताल पहुंचे, यहां नवजात को मृत घोषित कर दिया गया। अमित ने बताया नौ जनवरी को साथी दामोदर के साथ पत्नी की पाजेब मांगने पर उसे अस्पताल में बंदकर पीटा गया।