पीपल अड्डा स्थित प्लॉट में झोंपड़ी डालकर रहता राजवती का परिवार ।संवाद
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एटा। नगर क्षेत्र की पीएम आवास योजना के तहत 600 फाइलें जांच के लिए दफ्तरों में घूम रहीं हैं। इसके चलते मकान निर्माण के लिए पैसा नहीं मिल पा रहा और आवेदक झोंपड़ी, कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। कभी डूडा के दफ्तर तो कभी तहसील के चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं।
एटा और मारहरा नगर पालिका क्षेत्र में 600 लोगों को योजना में शामिल कर आवास निर्माण की मंजूरी दी गई। 2019-20 में उनकी फाइल बनी। इस बीच पात्रता को लेकर कुछ शिकायतें हो गईं। इन शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने एसडीएम सदर की अध्यक्षता में ईओ नगर पालिका, पीओ डूडा और आवासीय योजना की कार्यदायी संस्था के जिला समन्वयक की समिति बनाई। जिसे सभी आवेदकों का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को देनी थी, जिस पर पात्रता का निर्णय लिया जाता।
इसमें नगर पालिका, डूडा और कार्यदायी संस्था ने जांच कर अपनी रिपोर्ट दे दी। जुलाई में राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी गई। सत्यापन की जिम्मेदारी लेखपालों को दी गई। इनमें से कुछ ने रिपोर्ट तहसील में दाखिल कर दी और कुछ लोग अटकाए हुए हैं। जिसके चलते फाइनल रिपोर्ट तैयार नहीं हो पा रही और आवास योजना ठहरी हुई है।