अलीगंज क्षेत्र में जनआरोग्य मेला का निरीक्षण करते सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद। संवाद
एटा। जिले के सभी 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगाया गया। इसमें कुल 1734 मरीजों ने उपचार लिया। सबसे अधिक संख्या त्वचा के मरीजों की रही। बुखार के मरीजों की संख्या पिछले मेले की अपेक्षा कम रही।
मेले में 817 पुरुष, 735 महिलाएं, 182 बच्चे उपचार के लिए आए। चिकित्सकों ने लक्षण के आधार पर 6 बुखार रोगियों की मलेरिया की जांच कराई। रिपोर्ट में किसी भी मरीज में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। पेट दर्द, कब्ज व गैस से संबंधित 157, सांस के 135 मरीजों का भी उपचार किया गया। जबकि पिछले मेले में सांस के 153 मरीजों ने उपचार लिया था। वहीं 64 मरीजों में क्षय रोग के लक्षण देखे गए। इनका अलग से नाम दर्ज कर जांच कराई गई।
इसके साथ ही लिवर से संबंधित 64, त्वचा के 342, बुखार के 92 के साथ 369 अन्य मरीजों ने उपचार लिया। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सभी पीएचसी पर लगाया गया। पिछले जन आरोग्य मेला की अपेक्षा बुखार के 37 मरीज कम मिले हैं। पहले बुखार से पीड़ित 129 मरीज मिले थे, इस बार 92 संख्या है।
सीएमओ ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
अलीगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जसरथपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरौठ पहुंचकर सीएमओ ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने पंजीकरण काउंटर, मरीजों के जांच कक्ष, दवा वितरण व्यवस्था और आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया परखी। इसके साथ ही स्वास्थ्य पटल, रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों की जांच कर सुधार के निर्देश भी दिए। जसरथपुर पीएचसी पर 7 और सरौठ पीएचसी पर 4 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। सीएमओ ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। संवाद