एटा। तमाम गली-मोहल्लों में निजी कोचिंग संचालित की जा रही हैं। कुछ कोचिंग संचालकों द्वारा अग्रिम शिक्षण शुल्क वसूला जा रहा है। इसको लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। ऐसे कोचिंग संचालकों के खिलाफ अभियान शुरू कर रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जिले में 50 से अधिक निजी कोचिंग संचालित हैं। शहर में इनकी संख्या 20 से अधिक है। लेकिन इनमें से सिर्फ 10 कोचिंग ही विभाग में पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि महीना पूरा होने के बाद ही विद्यार्थियों से शुल्क लिए जाने का प्रावधान है। लेकिन कुछ कोचिंग संचालक छात्रों से अग्रिम शिक्षण शुल्क ले रहे हैं। ऐसे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए तीन स्तरीय टीम गठित की है। टीम में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुभाष सिंह, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज इसौली के प्रधानाचार्य संजीव कुमार और पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज जिरसमी के प्रधानाचार्य आशुतोष दरगढ़ को शामिल किया गया है। उन्होंने टीम को निर्देश दिए हैं कि निजी कोचिंग संस्थानों की चेकिंग कर संपूर्ण वीडियोग्राफी उपलब्ध कराए जिससे उच्चाधिकारियों द्वारा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके।