अलीगंज। गांव झकरई निवासी विजेंद्र के लापता बेटे सचिन कुमार के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पिता ने नेमा देवी और अपने परिवारी वीरेंद्र पर बेटे के लापता होने में साजिश का संदेह जताते हुए उसकी हत्या की आशंका व्यक्त की है।
गांव झकरई निवासी विजेंद्र ने पुलिस को बताया कि करीब छह वर्ष पहले उनके साढ़ू रामनाथ के बेटे मुनीश की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार का रामनाथ के घर आना-जाना बना रहा। आरोप है कि 16 मार्च 2020 को मुनीश की पत्नी नेमा देवी उनके घर पहुंची और बच्चे की तबीयत खराब होने की बात कहकर आर्थिक मदद मांगी।
इस पर विजेंद्र ने बेटे सचिन को 30 हजार रुपये देकर उसके साथ भेज दिया। पिता का दावा है कि दोनों को जाते हुए परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों ने देखा था। इसके बाद सचिन का पता नहीं चला और उसका मोबाइल भी बंद हो गया। परिजन ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
विजेंद्र का कहना है कि बेटे की तलाश और कार्रवाई के लिए कई बार प्रार्थना पत्र दिए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 11 अगस्त 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी डाक से प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद 18 अगस्त को न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर अलीगंज पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।