नशे में ड्राइविंग जानलेवा है। आए दिन हादसे हो रहे हैं।शराब के नशे में वाहन चला कर अभी तक कई जान गंवा चुके हैं। फिर भी लोग सुधर नहीं रहे हैं। चलती कार में शराब पार्टी और कार का गेट खोल कर शराब की बोतलें लहराने के सीन देर रात शहर में हाईवे पर अक्सर दिखते हैं।
पिछले साल आगरा रोड पर शराब के नशे में ओवरटेक करते वक्त वैन चालक की ट्रक से भिड़ंत होने पर दो लोगों की मौत हुई थी। सकीट में क्लीनिक चलाने वाले एक प्राइवेट चिकित्सक की भी शराब के नशे में बाइक से गिरकर मौत हो चुकी है। तीन मार्च को अलीगंज रोड पर मैक्स पिकअप पेड़ से टकराई थी। भले ही मैक्स का टायर फटा हो, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया है कि चालक शराब के नशे था। पुलिस का मानना है कि यदि नशे में नहीं होता तो कम से कम वाहन को पेड़ से टकराने से बचा लेता। हादसे में दो की मौत और बीस लोग घायल हुए थे। टीएसआई ब्रह्म प्रकाश यादव ने बताया कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई होती है। बीते एक साल में 70 से अधिक चालन किए गए।